किसान की बुद्धिमता शोमपुर नामक गाँव में एक रामनाथ नामक किसान रहता था | उसके पास उसकी पैतृक सम्पत्ति में कुछ जमीन उसे मिला था , वो उसमे फसलों को उपजाता था तथा वो खेत में अकेले ही काम करता था जिससे उसे बहुत अधिक मेहनत की आवश्यकता पड़ती थी और तब जा के उसके सारे फसल तैयार होते थे | किंतु इतनी मेहनत के बाद भी उसे उतना लाभ नहीं होता था क्युकी जब उसका फसल तैयार हो जाता तब वो उसे सीधा बेच आता था जिससे उसे कम मूल्य मिलता था | हर बार इतनी मेहनत करने के बावजूद उसे उसका उचित लाभ नहीं मिल पा रहा था और वो अपने परिवार की पूरी जरूरत को पूर्ण करने में उतना सक्षम नहीं था हालाँकि वो एक मेहनी व्यक्ति था , ऐसे ही दिन बीत रहा था तथा वो एक चीज़ को समझ पा रहा था की इससे मेरा गुजारा नहीं हो पाएगा अतः मुझे कुछ और करना होगा उसने देखा की बहुत से लोग बिना फसल बेचे उससे उसका नई वास्तु बनाके बेच रहे थे और उतने मेहनत में वो अच्छा कमाई कर रहे थे , अतः उसने अपने फसल को तैयार होने तक कुछ मशीनों तथा दुकानों से संपर्क किया | कुछ दिनों में...