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⚘गौतम बुद्ध का बनारस में उपदेश⚘

⚘गौतम बुद्ध का बनारस में उपदेश⚘

गौतम बुद्ध  का नाम सिद्धार्थ गौतम  था वो एक राजकुमार थे तथा उनके माता पिता ने उन्हें कभी भी सांसारिकता से अवगत होने ही नहीं दिया वो बचपन से ही सिर्फ सुख का ही अनुभव कर रहे थे उन्हें दुःख और पीड़ा का तनिक भी अंदाजा नहीं था पर जब उन्होंने अपनी शिक्षा प्राप्त कर  ली और उनकी शादी यशोधरा से हो गयी अतः उनका एक पुत्र भी हुआ जिसका नाम राहुल था | एक दिन गौतम बुद्ध बाहर निकले हुए थे तभी उन्होंने एक भिखारी को देखा फिर उन्होंने एक वृद्ध व्यक्ति को देखा जिसको चलने आदि में पीड़ा हो रही थी और फिर बुद्धा ने एक मृत शव को देखा , ये देखने के बाद उन्हें लगा की जो जीवन वो जी रहे थे ये वास्तविकता नहीं है अतः वो सच्चाई  और ज्ञान की खोज में निकल गए पांच साल घूमने पर उन्हें कुछ प्राप्त नहीं हुआ फिर वो बोध गया पहुँचे वंहा उन्होंने पीपल के पेड़ के निचे ध्यान करना शुरु कर  दिया और सात दिनों में उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हो गयी अतः जहाँ उन्होंने ध्यान किया था उस वृक्ष का नाम बोधी वृक्ष पड़  गया | 




इसी तरह एक दिन गौतम बुद्ध  अपने ध्यान में लगे हुए थे तभी  उनके पास एक औरत आयी  जिसका नाम किसा  गौतमी था  जिसका बेटा  मर चूका था और वह सबसे औषधि मांग रही थी जिससे उसका बेटा  ठीक हो जाये सभी लोग समझने लगे की वो पागल हो गयी है  तो एक व्यक्ति ने बोला की तुम गौतम बुद्ध के पास चली  जाओ वो शायद तुम्हारी मदद कर दे | वो औरत गौतम बुद्ध के पास गयी तो बुद्ध ने कहाँ की मैं तुम्हारे बेटे को ठीक कर  दूँगा पर तुम्हे एक मुट्ठी सरसो लाना होगा और ध्यान रहे वंहा से लाना है जिस घर में आज तक किसी की मौत न हुए हो अतः किसा  गौतमी  मान गयी और जब वह सरसो लेने के बाद जब लोगो से  पूछती है की क्या उनके घर किसी की मौत हुए है या नहीं तो सभी उससे खीझ से बोलकर उसे वंहा से भगा देते  वो दिन भर इधर उधर घूमती रही पर उसे ऐसा कोई घर नहीं मिला जहाँ किसी की मृत्यु नहीं हुए हो तथा इससे  उसे पता चल गया की जिसने जन्म लिया है वो एक न एक दिन मरेगा ही इसे कोई झुठला नहीं सकता  | इस तरह गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश बनारस में किसा गौतमी को  दिया | 


English:-
⚘Gautam Buddha's sermon in Benares⚘

The name of Gautama Buddha was Siddhartha Gautama, he was a prince and his parents never let him know about worldliness. He was experiencing happiness from childhood. He got his education and got married to Yashodhara, so he also had a son named Rahul, Gautam Buddha was out one day, when he saw a beggar then he saw an old man who is having pain in walking etc.  then Budha saw a dead body, after seeing this he felt that he lived life That is not a reality, so he went out in search of truth and knowledge, after five years of wandering, he did not get anything, then he reached Bodh Gaya where he started meditating under the Peepal tree and in seven days, he will get the knowledge. So, where he meditated, the name of that tree was called Bodhi tree.



One day Gautam Buddha was engaged in his meditation and a woman came to him named kisa Gautami, whose son had died and she was asking for the most medicine so that her son would get well. Everyone started to understand that she has gone mad. A person said that you go to Gautam Buddha, he may help you. If that woman went to Gautam Buddha, where did Buddha tell  that I should cure your son but you have to bring a handful of mustard and keep in mind that no one has died in the house till date, so which Gautam values ​​and After taking the mustard, when she  asked if anyone had died in their house or not, everyone spoke in anger at him and drove him away .  and he comes to know that the one who is born will die one day no one can deny it. In this way, Gautama Buddha gave his first sermon to Kisa Gautami in Banaras.







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